बारिश

Tinkal Sahu
6th ‘A’

बारिश
दुिनया मे है हिरयाली छाई
िफर भी वषार् कम है आई
बािरश को सब याद है करते
जब पेड़ों में फल ना आए
फसलें नष्ट जब होते जाएँ
वन-उपवन सब कटते जाएँ
जीव-जन्तु सब मरते जाएँ
पेड़ सब है कटते जाएँ
नहरों, निदयों, समुद्रों आिद से,
पानी कम है होते जाएँ
गंदगी हम कम फैलाएँ,
अिधक से अिधक पेड़ लगाएँ
दुिनया मे हिरयाली है छाएँ

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