खुद पर भरोसा

Deepti Sahu

Class 8A

खुद पर भरोसा

एक समय की बात है।
एक शहर में एक विद्यार्थी रहता था।
वह UPSC की तैयारी करना चाहता था,
पर उसको अच्छे शिक्षक नहीं मिल रहे थे।

फिर उसके पिताजी ने
एक शिक्षक खोजा।
पर उसके पास केवल 5 महीने थे।

उसके माता और पिता ने
उसको समझाते हुए कहा—
“बेटा, अब तुम्हारे पास केवल 5 महीने बचे हैं।
अब तुम अच्छे से तैयारी करना।”

वह अपने माता-पिता की बातें
ध्यानपूर्वक सुन रहा था।

अगले दिन वह कक्षा में गया।
तो उसको एहसास हुआ
कि उसको सबसे कम जानकारी है।

वह घर जाकर
अपनी माँ के पास खूब रोया।

फिर उसकी माँ ने समझाया
और वह अपने माता-पिता की उम्मीद
को तोड़ना नहीं चाहता था।

फिर वह रात 2 बजे तक पढ़ा।
घूमना-मस्ती करना सब छोड़ दिया।

धीरे-धीरे वह अपनी कक्षा में
सबसे अधिक जानने लगा।

तो उसके बहुत दोस्त बन गए।

फिर जब वह बाहर टेस्ट देने गया,
तो उसका नंबर फिर कम आया।

फिर उसने कहा कि
अब और मेहनत करूँगा।

फिर फाइनल परीक्षा का दिन आया।
उसको लगा उसका पेपर अच्छा नहीं बना है।
और उसकी कक्षा के सबका पेपर अच्छा बना था।

फिर वह डर गया।

पर परिणाम आया
तो वह पास हो गया
और उसकी कक्षा में सब फेल हो गए।
वह ही पास हुआ था।

वह बहुत खुश और आश्चर्यचकित हुआ।

फिर उसको जब भाषण देने को कहा गया
तो उसने कहा—

जिसको पढ़ना रहता है
वो ये सब बहाने नहीं बनाते।

बहाने—
● मेरे पास Time नहीं है।
● मेरी किस्मत अच्छी नहीं है।
● मेरे पास सुविधा नहीं है।
● मेरा पढ़ाई में ध्यान नहीं लग पाता था।
● मेरे पर शिक्षक ने खास ध्यान नहीं दिया।

पर जो बहाने बनाना बंद कर दे
वही सफल व्यक्ति है।

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