यात्रा वृतांत

Bhawna Sahu

Class 11 (B)

यात्रा वृतांत

11 नवम्बर 2024 एक ऐसा दिन था, जिस दिन मैं पहली बार विद्यालय भ्रमण पर गई। उस दिन हम सब ग्यारहवीं के छात्र-छात्राएँ बहुत प्रसन्नता के साथ सुबह-सुबह तैयार होकर विद्यालय पहुँचे। विद्यालय की प्रार्थना सभा के बाद हम ग्यारहवीं ‘अ’ और ‘ब’ के विद्यार्थी सुबह का नाश्ता करते हैं। नाश्ता करने के बाद हम लगभग 9:30 बजे भ्रमण के लिए विद्यालय से बरगढ़ की ओर प्रस्थान करते हैं।

हम विद्यालय की दो बसों में निकले, जिसमें एक बस में लड़कियाँ और दूसरी बस में लड़के थे। दोनों ही बसों में विद्यार्थी उत्सुकता से नाचते-गाते चले जा रहे थे। हम सबसे पहले बरगढ़ के विज्ञान केन्द्र में गए। वहाँ जाकर हमने फोटो खिंचवाया और फिर हम विज्ञान केन्द्र के पहले फ्लोर पर गए, जहाँ हमने बहुत सी तरह-तरह की चीज़ें देखीं, जिनमें विज्ञान के कई तर्क-तकनीक छिपे हुए थे। यह देखकर हम सभी को बड़ा अच्छा लगा। वहाँ आइने से बना भूल-भुलैया भी था।

इसके बाद हमने थियेटर में डायनासोर की कहानी देखी। उसमें मैंने जाना कि कुछ डायनासोर अच्छे भी होते थे। उन्हें देखकर मुझे थोड़ा आश्चर्य हुआ, लेकिन वे मुझे बहुत प्यारे लगे। फिर उसके बाद मैंने विज्ञान पार्क में जाकर डायनासोर को गले से लगा लिया। मेरे सहपाठियों को पार्क में झूला झूलते देख और उनकी प्रसन्नता देखकर मुझे भी बड़ी खुशी हुई। पता नहीं! मुझे दूसरों की खुशी देखकर अपने भीतर एक अलग सी खुशी महसूस होती है। खैर, यह तो मेरा स्वभाव है।

विज्ञान केन्द्र से निकलने के बाद हम एक होटल में खाना खाने चले गए। वहाँ जाकर मुझे बहुत अच्छा लगा क्योंकि वहाँ आज भी मिट्टी के बर्तन, केले के पत्ते और दीवारों पर पुराने जमाने की चित्रकारी का प्रयोग किया गया था। उसके बाद हम पास के ही विशाल मेगा मार्ट गए, जहाँ मैंने घूमना तो बहुत किया लेकिन खरीदा कुछ नहीं।

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