Aradhya Pradhan
Class 7A
तुम्हारा कर्तव्य
यह धर्म नहीं,
यह कर्म है,
जो तुम्हारा कर्तव्य है।
मन लगाकर अपने काम को बस,
फिर देख क्या होता है।
जो हँसते थे तेरे ऊपर,
अब तू हँसेगा उनके ऊपर।
हँसने वालों को हँसने दे,
बाद में खुद ही रोएँगे।
बस विश्वास रख अपने ऊपर,
बाद में तू होगा सबसे ऊपर।
मेहनत कर और करते जा,
बाकियों से आगे बढ़ते जा।
मन को समझा, तैयार हो जा,
क्योंकि मुश्किलें तो अभी बस शुरू ही हुई हैं।
गाँठ बाँध ले पहले से,
न तू आगे घबराएगा।
वादा कर,
ना कभी हार मानेगा।
मुँह बंद कर देगा उनका
जो कभी बोलते थे—
“तू तो बेकार है।”
बस एक दफा फिर से
कर्तव्य मत भूल अपने कर्तव्य को,
क्योंकि यह धर्म नहीं,
कर्म है जो तुम्हारा कर्तव्य है।