प्रकृति वसुंधरा है

Sujay patel

Class 8A

प्रकृति वसुंधरा है

हरी-भरी जिसे कहते हम प्रकृति
प्रकृति में विशाल समुद्र है समाया
जलीय जीवों ने जिसे घर है बनाया

झरने नित झर-झर बहते हैं
जीवन का सारा सार कहते हैं

नदियाँ कहती आगे बढ़ो
हर मुश्किल से डटकर लड़ो

फूल देते कितनी अच्छी सीख
जीवन की कथा खुशियों से लिख

खड़े हैं पर्वत सीना ताने
संकटों में भी अटल कहलाते

मित्र मनुष्य के
पेड़-पौधे कहलाते
जो देना सिर्फ देना ही जानते

सुंदरता प्रकृति की यही है
जिससे सारी दुनिया टिकी है।

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