Naisha Vibhar
Class 8 A
अच्छी बेटी बनूँगी मैं
जिसने उँगली पकड़कर चलना सिखाया
हमारी एक खुशी के लिए अपनी सारी खुशी ही भूल गए
वो हैं मेरे पापा वह हैं मेरे पापा
दुख में रह कर हमें खुशी दिखाते हैं पापा
वो हैं मेरे पापा वह हैं मेरे पापा
मेरी वाणी भी कम पड़ जाएगी उनके गुणगान के लिए
ऐसे हैं पापा वह हैं मेरे पापा
अच्छी बेटी बनूँगी मैं नाम आपका जग में ऊँचा करूँगी
मैं, त्याग आपका सफल करूँगी मैं
अच्छी बेटी बनूँगी मैं, अच्छी बेटी बनूँगी मैं।