माँ
माँ तो प्यारी होती है, वो तो न्यारी होती है।
जो हमें नौ महीने पेट पर, बड़ी मुश्किलों से रखती।
बड़ी कठिनाइयों से झेल कर, हमें इस दुनिया में लाती। खिलाती पिलाती ध्यान रखती, हमारी सभी परेशानी दूर कर। हमेशा हमारा साथ देती, दुनिया
माँ तो प्यारी होती है, वो तो न्यारी होती है।
जो हमें नौ महीने पेट पर, बड़ी मुश्किलों से रखती।
बड़ी कठिनाइयों से झेल कर, हमें इस दुनिया में लाती। खिलाती पिलाती ध्यान रखती, हमारी सभी परेशानी दूर कर। हमेशा हमारा साथ देती, दुनिया
पेड़ लगाओ संसार बचाओ, पेड़ से ही तो संसार है बनता। पेड़ गर्मियों के समय हमारे लिए माँ की ठंडी छाया बन जाती। पेड़ से ही वर्षा है होती, वर्षा न होती तो जीवन कहाँ। सर्दियों के समय पेड़ की लकड़ियाँ हमें गर्मी हैं देती। पेड़ से ही होती इतनी
In the morning, the sun shines bright at the night charming the beautiful moon gives us light. The chirping of birds wakes me up and the fragrance of flowers makes my day up. In the season monsoon. The
सोने के पिंजरे में थी, एक सुन्दर चिड़िया प्यारी वन की चिड़िया फुदक रही है डाली-डाली सारी।
मिलन हुआ जब दोनों का यूँ आपस में बतियाई पूछा वन की पंछी ने तब तुम पिंजरे में कैसे हो आई।
पिंजरे की चिड़िया बोली आओ तुम भी भीतर बात
Once upon a time there was a little girl named Lily. She was so thoughtful for her imaginations. Let me put you in her world of imaginations. She had teleported in a very very beautiful place full with nature’s
यह धर्म नहीं,
यह कर्म है,
जो तुम्हारा कर्तव्य है।
मन लगाकर अपने काम को बस,
फिर देख क्या होता है।
मम्मी तूने ही मुझे जन्म दिया,
फिर छोटे से बड़ा किया।
मेरी हर मंज़िल तूने ही मुझे दिखाया,
हर छोटी-बड़ी चीज़ों का फर्क तूने ही मुझे समझाया। जब भी तुम मुझे डाँट लगाती,
माँ ने मुझे चलना सिखाया,
पापा ने मुझे बढ़ना सिखाया।
मेरी माँ है मेरी आत्मा,
मेरे पापा हैं मेरे परमात्मा।
माँ का कोई मोल नहीं,
हमारा शरीर बना है जल से
और इसके होते हैं तीन प्रकार।
जल ही है ऐसी,
जिसमें बसती है हमारी जान।
इस दुनिया में जल नहीं रहेगा,